अमरीका ने कहा है कि वह कई साल से अवैध तरीके से परमाणु तकनीक के हो रहे प्रसार के बारे में पाकिस्तान को जानकारी देता आया है.
ये अमरीकी बयान पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीका ने वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान के अवैध सौदों के बारे में पिछले साल अक्तूबर में ही जानकारी दी थी.
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाऊचर ने कहा, "हम पाकिस्तान के साथ परमाणु अप्रसार के विषय पर बहुत समय से बातचीत कर रहे हैं."
उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि अमरीका और पाकिस्तान के बीच परमाणु अप्रसार मुद्दे पर बातचीत पिछले साल अक्तूबर से कहीं पहले से हो रही है.
अब्दुल क़दीर ख़ान मान चुके हैं कि उन्होंने उत्तर कोरिया, ईरान और लीबिया को परमाणु तकनीक लीक की थी.
इसके बाद उन्हें सशर्त माफ़ी भी दी जा चुकी है.
इससे पहले उत्तर कोरिया ने नाराज़गी भरी प्रतिक्रिया में कहा था कि उसने पाकिस्तान से कोई परमाणु तकनीक नहीं ली है और अमरीका दुष्प्रचार कर रहा है.
उधर भारत की यात्रा पर गए इसराइली विदेश मंत्री सिलवान शालोम ने कहा है कि भारत और इसराइल को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि परमाणु हथियार 'आतंकवादियों' के हाथ न लगें.