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करज़ई ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने देश में नशीले पदार्थों के उत्पादन और कारोबार की समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है.

ग़ौरतलब है कि दुनिया भर में अफ़ीम की खपत का क़रीब तीन चौथाई हिस्सा अफ़ग़ानिस्तान से ही जाता है.

अफ़ीम से ही हीरोइन बनाई जाती है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने नशीले पदार्थों के कारोबार पर काबुल में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सोमवार को उद्घाटन करते हुए यह अपील की.

सम्मेलन शुरू होते वक़त देश में भारी हिमपात हुआ है जिससे बहुत से प्रतिनिधि अफ़ग़ानिस्तान नहीं पहुँच सके.

करज़ई ने अपने भाषण में पहले तो मौसम के बारे में कुछ हल्की फुल्की टिप्पणियाँ कीं लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने देश में नशीले पदार्थों के उत्पादन और कारोबार की तस्वीर खींची वैसे-वैसे माहौल संजीदा होता गया.

ग़ौरतलब है कि रविवार को ही इस कारोबार को लेकर बदकशाँ प्रांत में दो क़बीलाई सरदारों के बीच ख़ूनी संघर्ष हो गया था जिसमें अनेक लोग मारे गए थे.

इस संघर्ष के बाद बहुत से लोग इलाक़ा छोड़कर जाने लगे थे.

छवि और सुरक्षा

हामिद करज़ई ने सम्मेलन में कहा कि नशीले पदार्थों के इस कारोबार से न सिर्फ़ देश की छवि धूमिल हो रही है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी ख़तरा पैदा हो रहा है.

उन्होंने कहा कि इस कारोबार से मिलने वाला धन आतंकवादियों को भी मिल रहा है.

अफ़ीम की खेती
अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की खेती बड़े पैमाने पर होत है

हामिद करज़ई ने कहा कि अफ़ग़ान सरकार ने अपने स्तर पर इस समस्या से निपटने की कोशिश की है लेकिन इसमे पूरी तरह कामयाबी नहीं मिली है.

उन्होंने इस समस्या का मुक़ाबला करने के लिए अपने भाषण के दौरान बार-बार अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की.

राष्ट्रपति ने कहा कि अफ़ीम की खेती पर पाबंदी लगाने के लिए सख़्त क़ानूनों के साथ-साथ इस बात की भी ज़रूरत है कि इस खेती में लगे लोगों को अगर इस खेती से रोका जाए तो उन्हें होने वाले नुक़सान की भरपाई की जा सके.

उन्होंने कहा कि बहुत से लोग ग़रीबी की वजह से अफ़ीम की खेती करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि यह उनकी रोज़ी - रोटी का एकमात्र साधन है.

लेकिन नशीले पदार्थों के नियंत्रण से जुड़े कुछ विशेषज्ञ इस दावे का खंडन करते हैं.

हामिद करज़ई ने यह भी ध्यान दिलाया कि अब देश के अंदर भी हीरोइन की खपत होने लगी है और यह एक ऐसी समस्या है जो पहले नहीं थी.