मुख्य चुनाव आयुक्त का पद सँभालने के साथ ही टीएस कृष्णमूर्ति ने नेताओं से आचार संहिता की भावना का ध्यान रखने के लिए कहा है.
उनका कहना था कि यूँ तो अभी आदर्श आचार संहिता लागू नहीं हुई है मगर नेताओं को उसकी भावना का ध्यान रखना चाहिए. वैसे उन्होंने पूरी सतर्कता बरतते हुए ये भी जोड़ दिया कि ये उनकी निजी राय है.
चार वर्ष तक चुनाव आयुक्त के पद पर रहे 63 वर्षीय तरुवई सुब्बय्या कृष्णमूर्ति इस पद पर मई 2005 तक रहेंगे और इसी दौरान उनके ज़िम्मे होगा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का महाकुंभ आम चुनाव आयोजित करना.
इसके लिए वह कमर कसकर खड़े होते दिख भी रहे हैं क्योंकि उन्होंने पदभार सँभालने के साथ ही कहा है कि वह आम चुनाव की तारीख़ें जल्दी से जल्दी घोषित करेंगे.
वैसे उन्होंने ये भी कहा है कि इस बीच बच्चों की परीक्षाओं का भी ध्यान रखा जाएगा.
भारतीय राजस्व सेवा से चुनाव आयोग में आने वाले वह पहले सदस्य बने थे.
उन्होंने जनवरी 2000 में चुनाव आयुक्त के तौर पर काम करना शुरू किया था.
इसके साथ ही आयोग के तीसरे सदस्य के तौर पर 1966 के बैच के आईएएस अधिकारी एन गोपालस्वामी ने कार्यभार सँभाल लिया.
वह गुजरात कैडर के अधिकारी हैं और अक्तूबर 2002 से केंद्रीय गृह सचिव का कार्यभार सँभाले थे.