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श्रीलंका में राष्ट्रपति ने संसद भंग की

श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने देश की संसद भंग कर दी है.

इसके साथ ही वहाँ समय से चार साल पहले ही आम चुनाव करवाने का रास्ता साफ़ हो गया है.

225 सदस्यों वाली श्रीलंका की संसद के लिए दो अप्रैल को मत डाले जाएँगे.

श्रीलंका में दिसंबर 2001 के चुनाव के बाद से ही राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे के बीच अनबन चल रही थी.

राष्ट्रपति कुमारतुंगा की पार्टी पीपुल्स एलायंस को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था.

पिछले साल के अंत में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच राजनीतिक मतभेद चरम सीमा पर पहुँच गए.

नवंबर महीने में राष्ट्रपति ने विक्रमसिंघे सरकार के रक्षा, गृह और सूचना मंत्री को बर्ख़ास्त कर दिया था.

कुमारतुंगा ने सरकार पर ये आरोप लगाया था कि वह तमिल टाइगर विद्रोहियों के साथ रियायतें बरत रही है जिससे देश की सुरक्षा पर ख़तरा हो गया है.

पिछले महीने प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के एक प्रवक्ता ने कहा था कि राष्ट्रपति का रवैया घमंड से भरा है जो बर्दाश्त के बाहर है.

प्रवक्ता ने ये आरोप राष्ट्रपति के इस बयान के बाद लगाया जिसमें उन्होंने कहा था कि चूँकि उन्होंने तीन साल पहले शपथ ली थी इसलिए उन्हें एक साल और अपने पद पर बने रहने का अधिकार है.