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क़दीर ख़ान को माफ़ी मिली

पाकिस्तान मंत्रिमंडल की सिफ़ारिश के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को माफ़ कर दिया है.

कैबिनेट ने गुरुवार सुबह एक महत्वपूर्ण बैठक में क़दीर ख़ान को क्षमादान देने की सिफ़ारिश की थी.

इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉफ़्रेस में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "क़दीर ख़ान ने माफ़ करने के लिए लिखित अपील की थी और अब मैंने उन्हें माफ़ कर दिया है."

उन्होंने ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान इस मामले में किसी तरह की जाँच के लिए तैयार नहीं.

मुशर्रफ़ ने कहा कि पाकिस्तान अपने हथियार कार्यक्रमों की न संयुक्त राष्ट्र से जाँच के लिए तैयार है और न वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को कोई दस्तावेज़ ही सौंपेगा.

उन्होंने कहा, "मैंने क़दीर ख़ान को बचाने की कोशिश की है. लेकिन आप देश का नुक़सान कर अपने हीरो को नहीं बचा सकते."

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि इसलिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय माँग और घरेलू हितों के बीच संतुलन क़ायम करने की कोशिश की है.

क़दीर ख़ान ने बुधवार को रावलपिंडी में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात कर माफ़ी की अपील की थी.

बुधवार को ही टेलीविज़न पर अपने संदेश में क़दीर ख़ान ने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को कुछ परमाणु जानकारी देने के बारे में अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी.

सवाल

संवाददाताओं का कहना है कि अगर डॉक्टर क़दीर ख़ान पर मुक़दमा चलाया जाता है तो कुछ विवादास्पद सबूत भी सामने आ सकते हैं जिनसे सेना की भूमिका पर भी उँगली उठ सकती है.

बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता का कहना है कि ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं कि डॉक्टर ख़ान ने यदि परमाणु जानकारी लीक की तो पाकिस्तान की सैन्य सरकार को इसका पता कैसे नहीं चला.

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख जनरल हामीद गुल ने बीबीसी से कहा कि परमाणु कार्यक्रम की सारी जानकारियों को सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी डॉक्टर ख़ान और उनकी टीम की ही थी.

क़दीर ख़ान ने बुधवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से रावलपिंडी में मुलाक़ात की थी.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और क़दीर ख़ान की मुलाक़ात के बारे में जारी एक सरकारी बयान में कहा गया था, "डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने परमाणु तकनीक बेचने के बारे में अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार की. डॉक्टर ख़ान ने राष्ट्रपति से क्षमादान का आवेदन किया और देश की सुरक्षा के लिए अपनी सेवा का हवाला देते हुए माफ़ी की अपील की."

डॉक्टर ख़ान को राष्ट्रपति के विशेष वैज्ञानिक सलाहकार के पद से पहले ही हटाया जा चुका है.