असम के कुछ गाँवों में पिछले दस दिनों में 10,000 से भी अधिक मुर्गियाँ और चूज़े मर गए हैं.
ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर दहशत है कि आख़िर भारत में बर्ड फ़्लू बीमारी पहुँच गई है.
लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि पक्षियों की मौत के पीछे बर्ड फ़्लू ही है.
मुर्गियों और चूज़ों के मरने की ख़बरें बांग्ला देश से लगे असम के धुबरी ज़िले के तकरीबन बीस गाँवों से आई हैं.
ज़िला के कमीश्नर प्रशांत बरुआ का कहना है कि इन गाँवों में लोगों के ज़्यादातर पक्षी मर गए हैं.
उनका कहना है कि पिछले दस दिनों में इन गाँवों में 10,000 मुर्गियाँ और चूज़े मर गए हैं.
एक पोल्ट्री फार्म के मालिक ज़ाकिर हुसैन का कहना है कि पिछले छह दिनों में उसकी तीन सौ से भी अधिक मुर्गियाँ किसी ऐसी बीमारी से मारी गई है जिसके बारे में पता नहीं चल रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग को आदेश दिए हैं कि वह इस बीमारी के बारे में जाँच करे.
कमीश्नर का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि पक्षी बर्ड फ़्लू से ही मर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि बर्मा और चीन से जुड़े होने के कारण सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बर्ड फ़्लू को लेकर हाईअलर्ट है.