पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने परमाणु तकनीक देने के बारे में अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए क्षमादान की गुहार लगाई है.
पाकिस्तान टीवी की रिपोर्ट के अनुसार क़दीर ख़ान ने पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम विकसित करने के मामले में अपनी भूमिका का हवाला देते हुए माफ़ कर देने की अपील की है.
क़दीर ख़ान ने आज राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से रावलपिंडी में मुलाक़ात की.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि इस मामले ने पूरे देश को सकते में डाल दिया है.
पाकिस्तान में परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले अब्दुल क़दीर ख़ान को राष्ट्रीय हीरो माना जाता है.
मुलाक़ात
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और क़दीर ख़ान की मुलाक़ात के बारे में एक सरकारी बयान जारी किया गया.
इसके अनुसार, "डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने परमाणु तकनीक बेचने के बारे में अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार की. डॉक्टर ख़ान ने राष्ट्रपति के सामने क्षमादान का आवेदन किया और देश की सुरक्षा के लिए अपनी सेवा का हवाला देते हुए माफ़ कर दिए जाने की अपील की."
टीवी रिपोर्ट में डॉक्टर ख़ान ने कहा, "राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने बहुत दरियादिली दिखाई. मैंने राष्ट्रपति के सामने सभी जानकारियाँ रखी. मैं उन्हें यह भी बताया कि क्या हो रहा है और क्या पहले हुआ है. राष्ट्रपति ने मेरी साफ़गोई की प्रशंसा की."
क़दीर ख़ान ने कहा कि राष्ट्रपति इस बैठक के बारे में प्रधानमंत्री और अपने अन्य सहयोगियों से चर्चा करेंगे.
डॉक्टर ख़ान को पहले ही राष्ट्रपति के विशेष वैज्ञानिक सलाहकार के पद से हटा दिया गया है और पाकिस्तान के अधिकारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने दूसरे देशों को परमाणु तकनीक देने की बात भी मान ली है.