पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक अब्दुल क़दीर ख़ान को प्रधानमंत्री मीर ज़फ़रुल्ला ख़ान जमाली के वैज्ञानिक सलाहकार के पद से हटा दिया गया है.
पाकिस्तान की न्यूक्लियर कमांड काउंसिल ने परमाणु जानकारियाँ ईरान और लीबिया को बेचे जाने के मामले की जाँच के दौरान यह फ़ैसला किया है.
शक है कि उन्होंने परमाणु प्रौद्योगिकी ईरान और लीबिया को बेचने में भूमिका निभाई.
बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि उनका पद से हटाया जाना यह साबित करता है कि वे इस मामले में मुख्य अभियुक्त हैं.
बताया जा रहा है कि जाँच सुचारु ढंग से चले इसीलिए ये क़दम उठाया गया है.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इस बारे में कहा, "कुछ लोगों की ओर से परमाणु प्रौद्योगिकी दूसरे देशों को दिए जाने के मामले में जाँच सुचारु रूप से चले इसलिए डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार के पद से हटा दिया गया है."
उनके पास ये पद वर्ष 2001 से ही था.
उससे पहले तक वह देश के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख थे.
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र परमाणु जाँच एजेंसी को जो सूचनाएँ दीं उसके बाद नवंबर में शुरू हुई जाँच में मुख्य रूप से क़दीर ख़ान पर संदेह किया जा रहा है.