अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम सरकार के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने सोमवार को अफ़ग़ानिस्तान के संविधान पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
काबुल में एक समारोह में उन्होंने संविधान पर हस्ताक्षर करने की औपचारिकता पूरी की. इसी महीने की शुरुआत में अफ़ग़ानिस्तान की लोया जिरगा ने संविधान को मंज़ूरी दी थी.
इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में इस साल के दूसरे हिस्से में चुनाव का रास्ता साफ़ हो गया है.
हालांकि अफ़ग़ानिस्तान के कई हिस्सों में जिस तरह हिंसा और अस्थिरता का माहौल है उसके चलते इन चुनावों की संभावना धुंधली दिखाई देती है.
आठवाँ संविधान
अफ़ग़ानिस्तान में दो साल पहले तालेबान का शासन ख़त्म होने के बाद से यह पहला संविधान है. हालांकि देश के इतिहास में यह आठवाँ संविधान है.
पहला संविधान बादशाह ने बनाया था और छठवाँ एक कम्युनिस्ट शासक ने.
वर्तमान संविधान को बनाने में अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने अमरीका और संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम किया है.
इस संविधान में राष्ट्रपति को बहुत से संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं और स्त्री और पुरुषों को समान अधिकार देने की बात कही गई है.