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'वैज्ञानिकों ने परमाणु जानकारियाँ बेचीं'

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी वैज्ञानिकों ने परमाणु जानकारियाँ कुछ देशों को बेचीं थीं.

लेकिन राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने स्पष्ट किया कि इसमें सरकार शामिल नहीं थी.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ आजकल विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने स्विटज़रलैंड गए हुए हैं.

सीएनएन से बातचीत में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा," ये साफ़ है कि कुछ लोगों ने पैसे के लिए ऐसा किया."

पाकिस्तान ने एक महीने पहले कुछ देशों को परमाणु तकनीक अवैध रूप से संभावित हस्तांतरण की जाँच के आदेश दिए थे.

इस सिलसिले में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है और इसमें पाकिस्तान के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान भी शामिल हैं.

नौ वैज्ञानिकों और अधिकारियों से अब भी पूछताछ चल रही है.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना है कि ये जाँच कुछ सप्ताह में समाप्त हो जाएगी.

उनका कहना था कि इस मामले में दोषी पाए गए लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना था," हम कुछ छुपाना नहीं चाहते हैं. हम साफ़ कर देना चाहते हैं ...जिसने भी हस्तांतरण किया होगा, हम उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे."

साथ ही राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था कि उन पर हुए दो जानलेवा हमलों के पीछे अल क़ायदा का हाथ हो सकता है.

अदालत का आदेश

दूसरी ओर लाहौर की एक अदालत ने कहा है कि परमाणु प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के मामले में जिन वैज्ञानिकों से पूछताछ हो रही है उन्हें न्यायिक जाँच के लिए विदेशियों के हाथ में नहीं सौंपा जाना चाहिए.

उधर लाहौर में ही वकीलों ने इन परमाणु वैज्ञानिकों को हिरासत में लेने के विरोध में अदालतों का बहिष्कार किया है.

रावलपिंडी के उच्च न्यायालय ने ये आदेश उन वैज्ञानिकों के परिजनों और कुछ अधिकारियों की याचिकाओं पर दिया है.

वैज्ञानिकों के परिजनों को डर है कि वैज्ञानिकों को अमरीका या कुछ अन्य देशों को सौंपा जा सकता है.