मुंबई में हुए विश्व सामाजिक मंच में एक दक्षिण अफ्रीकी महिला ने एक जज के ख़िलाफ़ लगाए गए बलात्कार के आरोप को बिना शर्त वापस ले लिया है.
इस महिला ने भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी जज सिराज देसाई पर आरोप लगाया था कि उन्होंने इस महिला के साथ बलात्कार किया था.
जिसके बाद महिला की रिपोर्ट के आधार पर जज को गिरफ़्तार कर लिया गया था.
अभी यह जज मुंबई की जेल में बंद हैं और शुक्रवार को अदालत में सुनवाई के बाद उन्हें रिहा किए जाने की संभावना है.
इस मुद्दे ने काफ़ी तूल पकड़ा था और दक्षिण अफ्रीका के अनेक बड़े नेताओं ने जज को निर्दोष बताया था.
उनमें एक नेल्सन मंडेला की पूर्व पत्नी विनी मंडेला भी थीं और उन्होंने जेल में जज सिराज देसाई से मुलाक़ात भी की.
जज ने कहा था कि उन्होंने उस महिला के साथ बलात्कार नहीं किया बल्कि महिला की सहमति से ही अपने कमरे में उसके साथ यौन संबंध बनाए थे.
यह महिला एक एड्स कार्यकर्ता है और सिराज देसाई केप हाई कोर्ट में जज हैं. ये दोनों ही दक्षिण अफ्रीका से विश्व सामाजिक मंच में भाग लेने आए थे.
सिराज देसाई इन आरोपों से इनकार करते हैं.
गिरफ़्तारी के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया.
वहाँ भी उन्होंने बलात्कार के आरोप से इनकार किया.
पुलिस का कहना है कि अदालत ने उनकी ज़मानत की अपील ठुकरा दी थी और उन्हें शुक्रवार तक पुलिस हिरासत में सौंप दिया था.
पुलिस का कहना है कि दक्षिण अफ़्रीका के इस जज ने महिला प्रतिनिधि से सेक्स की बात स्वीकार की है लेकिन उनका कहना है कि ये आपसी सहमति से हुआ था.