भारत में मेलों में देश भर से जुटने वाले विचित्र नामों वाले बाबा शुरू से ही आम लोगों का ध्यान खींचते रहे हैं.
मिसाल के तौर पर गंगा सागर मेले में आपको मोबाइल बाबा भी मिलेंगे तो लक्कड़ बाबा भी.
कहीं हीरो होंडा बाबा हैं तो कहीं जटाधारी बाबा.
इन बाबाओं के इर्द-गिर्द लोग तमाम कारणों से जुटते हैं.
विचित्र बाबा
हीरो होंडा बाबा की ख़ासियत ये है कि वे हमेशा अपनी मोटर साइकिल पर ही बैठे रहते हैं.
एक विदेशी महिला ने उन्हें ये मोटर साइकिल उपहार में दी थी जिन्हें बाबा अपनी शिष्या बताते हैं.
ख़ुद को हरिद्वार का बताने वाले हीरो होंडा बाबा के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी है और वे पूरे साल अपने एक चेले को लेकर विभिन्न धामों की यात्रा करते रहते हैं.
इसी तरह और एक बाबा हैं रायपुर के साइकिल बाबा.
उनकी ख़ासियत है कि वे रोज़ 100 किलोमीटर साईकिल यात्रा करते हैं.
मोबाइल बाबा
मोबाइल बाबा बिहार के समस्तीपुर ज़िले के निवासी हैं और उनकी मोबाइल की घंटी हर दूसरे मिनट पर बजती रहती है.
बाबा अपने मोबाइल फ़ोन पर देश भर में फैले अपने भक्तों से बात करते हैं.
बाबा अपने भक्तों को मोबाइल पर ही आशीर्वाद देते रहते हैं.
बाबा कहते हैं,"ये मोबाइल मुझे भक्तों ने ही उपहार में दिया है और इसका बिल भी वही चुकाते हैं".
कैसे बने बाबा
असम के कोकराझार ज़िले के लक्कड़ बाबा ने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था.
उन्होंने कहा,"किसी तरह तीसरी क्लास तक पढ़ाई की और घर वालों की ज़ोर-ज़बरदस्ती से तंग आकर 12 साल की उम्र में भागकर कोकराझार चले आए और साधना करने लगे".
लक्कड़ बाबा ने बताया कि फिर वे घर नहीं गए और एक मंदिर बनवाकर वहीं रहने लगे.
बाबा कई बार विदेश भी जा चुके हैं.
ऐसे ही एक और बाबा हैं जटाधारी बाबा जिनका कोई स्थायी ठिकाना तो नहीं है मगर वे बताते हैं कि उनका जन्म जोधपुर में हुआ और अब वे हरिद्वार में ही रहते हैं.
बीए तक की पढ़ाई करने वाले जटाधारी बाबा कहते हैं कि काम में मन नहीं लगने के कारण उन्होंने साधु बनकर समाजसेवा का फ़ैसला किया.