भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम एस गिल का कहना है कि इस समय चुनाव आयोग लावारिस है.
उनका कहना है कि भारत सरकार को तुरंत ही चुनाव आयुक्त कृष्णामूर्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त कर देना चाहिए.
'आपकी बात बीबीसी के साथ' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त रिटायर हो रहे हैं और वे आगामी लोकसभा चुनाव का कोई काम नहीं देख रहे हैं क्योंकि उन्हें ये चुनाव नहीं करवाने हैं.
उनका कहना था कि ऐसे समय में जब चुनाव आयोग के पास बहुत काम पड़ा हो सरकार को चुनाव आयुक्त कृष्णमूर्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त बना देना चाहिए.
एक श्रोता के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''परंपरा के अनुसार वरिष्ठ चुनाव आयुक्त को ही मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया जाना चाहिए.''
राज्यपाल चुनाव करवाएँ
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी भी राज्य में चुनाव के पहले सरकार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और एक निष्पक्ष गवर्नर यानी राज्यपाल की देख रेख में चुनाव करवाए जाने चाहिए.
वे पहले भी यह बात कहते आए हैं.
उनका कहना था कि राज्यपाल की नियुक्ति विपक्षी दलों की सहमति से होनी चाहिए जिससे कि वह निष्पक्ष रहे.
उन्होंने माना कि चुनाव आयोग पर राजनीतिक दल दबाव डालने की कोशिश तो करते हैं लेकिन भारत का चुनाव आयोग किसी तरह के दबाव में नहीं आता.
उन्होंने कहा कि राजनीति का अपराधीकरण रोकना चुनाव आयोग के हाथों में नहीं है क्योंकि चुनाव आयोग क़ानून नहीं बना सकता.