भारतीय मूल के विवादास्पद लेखक सलमान रुश्दी का भारत दौरा एक बार फिर चर्चा में है.
पिछले सप्ताह वह अपनी जन्मभूमि मुंबई पहुँचे तो कई मुस्लिम संगठनों ने उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते हुए उनसे वापस जाने को कहा.
रुश्दी को अपनी किताब द सैटेनिक वर्सेज़ पर दुनिया भर के मुसलमानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था.
यह पुस्तक भारत में भी प्रतिबंधित है.
सोमवार को मुंबई में ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलेमा, रज़ा अकादमी, अंजुमन बरकाते रज़ा और कई अन्य मुस्लिम संगठनों के सौ से ज़्यादा लोगों ने जमा हो कर रुश्दी की इस यात्रा का विरोध किया.
इनाम की पेशकश
कुछ लोगों ने यह ऐलान भी कर दिया कि जो व्यक्ति सलमान रुश्दी का मुँह काला करेगा उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.
सलमान रुश्दी अपनी प्रेमिका पदमा लक्ष्मी के साथ एक निजी यात्रा पर मुंबई आए थे.
प्रदर्शनकारियों ने उनसे तुरंत वापस जाने को कहा.
जबकि कुछ लोगों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीक़े से रुश्दी से वापस जाने को कह रहे हैं, कुछ कट्टरपंथियों ने रुश्दी को धमकियाँ दीं.
उनमें से एक मोहम्मद मंसूर अली ख़ान ने कहा, "रुश्दी और तालेबान में कोई फ़र्क़ नहीं है. दोनों ही आतंक फैलाते हैं."
इन संगठनों का कहना है कि उनके प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल राज्य के गृह मंत्री से मिला था और उनसे मांग की थी कि वह रुश्दी को शहर में न आने दें.
सलमान रुश्दी क्रिसमस के दिनों से देश में हैं और अब तक राजस्थान और तमिलनाडु की यात्रा कर चुके हैं.
वह अपने पुराने दोस्तों और यहाँ के लेखकों से मिल रहे हैं.