पाकिस्तान की एक अदालत ने दो फ़्रांसीसी पत्रकारों को वीज़ा नियमों के उल्लंघन के आरोप में सुनाई गई छह महीने की क़ैद की सज़ा सुनाई है.
हालाँकि इसपर एक हफ़्ते रोक रहेगी ताकि वे अपील कर सकें.
लेकिन उन्हें एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.
कराची की एक निचली अदालत ने ले एक्सप्रेस अख़बार के संवाददाता मार्क एप्स्तैं और ज़्याँ पॉल गिलोतो को बिना वीज़ा क्वेटा जाने का दोषी ठहराया.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास के अनुसार पाकिस्तान में विदेशी पत्रकारों को इतनी कड़ी सज़ा सुनाया जाना कोई आम बात नहीं है.
लेकिन सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जो आरोप दायर नहीं किए गए हैं वे ये हैं कि इन्होंने कुछ स्थानीय क़बायलियों को तालेबान बता कर उनकी फ़िल्में बनाईं.
इनके साथ एक पाकिस्तानी पत्रकार भी था जिसका कुछ पता नहीं है.
पिछले महीने इन पत्रकारों की गिरफ़्तारी के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनकी यह कह कर आलोचना की थी कि वे पाकिस्तान को तालेबान गतिविधियों का गढ़ बता कर उसे बदनाम कर रहे हैं.
दोनों पत्रकारों के पास पाकिस्तान के तीन शहरों में जाने का वीज़ा था और अदालत का कहना है कि वे ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से क्वेटा गए.
इन पत्रकारों के वकील का कहना है कि उनकी सज़ा रद्द करने के लिए इस आधार पर याचिका दायर की गई है कि दोनों सम्मानीय पत्रकार हैं, कोई अपराधी नहीं.