भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ती के आसार नज़र बढ़ते नज़र आने लगे हैं.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की है.
मक़सद था, भारत के साथ बातचीत बहाल करने की उन्होंने जो पहल की है उस पर कश्मीरी नेताओं को भरोसे में लेना.
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस बैठक में सरकारी और विपक्षी नेताओं के अलावा सर्वदलीय हुर्रियत कान्फ्रेंस के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.
बैठक में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने नए शांति प्रस्तावों भारत के साथ हुई सहमति के बारे में जानकारी दी.
इस बैठक को भारत के साथ शांति वार्ता फिर शुरू करने की परवेज़ मुशर्रफ़ की कोशिशों के ही एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है.
इस कोशिश का दोनों ही देशों में व्यापक स्वागत हुआ है लेकिन कुछ कश्मीरी चरमपंथी संगठनों और इस्लामी संगठनों ने यह कहते हुए इस समझौते की आलोचना की है कि पाकिस्तान बहुत ज़्यादा रियायतें दे रहा है जबकि बदले में उसे कुछ नहीं मिल रहा है.
भरोसा
पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने बताया कि आज की बैठक में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के राष्ट्रपति सरदार अब्दुल क़य्यूम, विपक्षी नेताओं और हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेताओं ने हिस्सा लिया.
शेख़ रशीद अहमद के अनुसार राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इन नेताओं को बताया कि कश्मीर मसले का समाधान पाकिस्तान और भारत की संतुष्टि के मुताबिक ही होने वाला है.
इन नेताओं को यह भी भरोसा दिलाया गया कि बातचीत की पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें पूरी जानकारी दी जाती रहेगी.
शेख़ रशीद अहमद ने बताया कि एक बार शांति का प्रक्रिया शुरू हो जाएगी तो कुछ और क़दमों पर भी विचार किया जाएगा, जैसेकि श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस सेवा शुरू करना.