कर्नाटक के लघु उद्योग मंत्री रोशन बेग ने जाली स्टांप पेपर घोटाले में नाम आने के बाद अपना इस्तीफ़ा प्रदेश के मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा को सौंप दिया है.
विपक्ष की ओर से इस बात का काफ़ी दबाव था और वह उन पर इस घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा रहा है.
ये इस्तीफ़ा उन्होंने उस समय दिया है जब सोमवार से राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है.
इससे पहले पिछले महीने उनके छोटे भाई रेहान बेग की इसी मामले में गिरफ़्तारी हुई थी.
रेहान बेग पर आरोप हैं कि उनके इस घोटाले के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम तेलगी से व्यापारिक संबंध थे.
रेहान बेग और रोशन बेग़ इन आरोपों को निराधार बताते हैं.
रेहान बेग का कहना है कि उनके भाई का राजनीतिक जीवन ख़त्म करने के लिए ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
कांग्रेस पार्टी अधिकारियों का कहना है कि रोशन बेग ने पार्टी को और मुश्किलों से बचाने के लिए इस्तीफ़ा दे दिया है.
पार्टी पर आरोप लग रहे थे कि वह रोशन बेग को बचाने की कोशिश कर रही है.
पार्टी पहले कह रही थी कि रोशन बेग के विरुद्ध कोई मामला नहीं है इसलिए उन्हें हटाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता.
इस बीच प्रदेश सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो को सौंप देगी.