भारत सरकार ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में गुरूवार को हुए भारत विरोधी प्रदर्शनों की निंदा की है.
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर इन प्रदर्शनों को दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक बताया.
गुरूवार को काठमांडू में कुछ छात्रों ने भारत विरोधी नारे लगाए और भारतीय प्रधानमंत्री का पुतला जलाया था.
ये छात्र दिल्ली में हवाई अड्डे पर नेपाल के एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ईश्वर पोखरेल को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की घटना से नाराज़ थे.
नेपाल की प्रमुख विपक्षी पार्टी यूनाईटेड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट(यूएमएल) के नेता को कई घंटों की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था.
भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि नेपाली नेता से संदेह के आधार पर पूछताछ की गई.
अधिकारियों ने कहा कि पोखरेल के बारे में ऐसा संदेह जताया गया था कि उन्होंने भारत में कथित तौर पर शरण लेकर रह रहे माओवादी विद्रोहियों से मुलाक़ात की थी.
नेपाली विद्रोही नेता ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है.