भारत में जल्द चुनाव की संभावना को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं.
आजकल राजनीतिक नेताओं की मुलाक़ातों का दौर चल रहा है.
बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने सीपीएम नेता हरकिशन सिंह सुरजीत से मुलाक़ात की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हरकिशन सिंह सुरजीत ने कहा कि दो मोर्चे बनाने के प्रयास चल रहे हैं.
उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी को लोक सभा चुनावों में हराने के लिए काँग्रेस और वामपंथी दलों के नेतृत्व में समान विचारों वाले दलों को एकजुट करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
सुरजीत का कहना था कि मुलायम सिंह ने भाजपा को हराने में मदद का वादा किया है.
लेकिन उन्होंने कहा है कि मोर्चे में बहुजन समाज पार्टी नहीं होनी चाहिए.
दिलचस्प तथ्य ये है कि मुलायम सिंह ने बाद में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनताँत्रिक गठबंधन के संयोजक जॉर्ज फर्नांडिस से भी मुलाक़ात की है.
मुलाक़ातें
मंगलवार को काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने भी हरकिशन सिंह सुरजीत से मुलाक़ात की थी.
इससे पहले उन्होंने डीएमके नेता करुणानिधि से टेलीफ़ोन पर बातचीत की थी.
डीएमके ने राष्ट्रीय जनताँत्रिक गठबंधन से नाता तोड़ने की पहले ही घोषणा कर दी थी.
सीपीएम नेता हरकिशन सिंह सुरजीत दो जनवरी को करुणानिधि से मुलाक़ात करने जा रहे हैं.
सोनिया गाँधी लोक जनशाक्ति के नेता रामविलास पासवान से भी मिली हैं.
काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने हाल में ऐसे संकेत दिए थे कि पार्टी लोकसभा चुनावों में समान विचारों वाले दलों से गठबंधन को तैयार है.
रामविलास पासवान और सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन की भी मुलाक़ात हुई है.