उत्तरी भारत में पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिससे लगभग 150 लोगों की मौत हो गई है.
मारे जानेवालों में ज़्यादातर बेघर या बुज़ुर्ग थे.
शीतलहर से रेल और हवाई यातायात पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में घने कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है.
मौसम अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के ऊपर हवा में बदलाव के कारण उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप शुरू हुआ है.
अधिकारियों के अनुसार आनेवाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है.
सबसे ठंडा दिन
उत्तर भारत में सोमवार को इस वर्ष का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सोमवार रात तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक चला गया था.
उत्तर प्रदेश में अधिकारियों का कहना है कि शीतलहर के कारण सोमवार को 20 और लोगों की जान चली गई जिससे पिछले एक सप्ताह में यहाँ ठंड से मरनेवालों की संख्या 75 तक पहुँच गई.
राजस्थान में अब तक ठंड से 20 लोग मारे गए हैं.
बिहार में समाचारपत्रों ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से शीतलहर के कारण अब तक 50 लोगों के मारे जाने की ख़बर दी है.
लेकिन बिहार के राहत और पुनर्वास आयुक्त मृत्युंजय सिंह ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करने से इनकार किया है.
राहत इंतज़ाम
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में अधिकारियों को ग़रीबों और बेघरों को सर्दी से बचाने के लिए इंतज़ाम करने के निर्देश दिए गए हैं.
इन राज्यों में कई स्कूलों में बेघरों के रहने के प्रबंध किए गए हैं.
राज्य के स्कूलों को अगले सप्ताह तक बंद रखने को कहा गया है.
अधिकारियों का कहना है कि अगर मौसम ठीक नहीं हुआ तो बच्चों को दी गई सर्दियों की छुट्टी बढ़ाई जा सकती है.
उत्तर भारत में पिछले साल भी कड़ाके की ठंड पड़ी थी और तब केवल उत्तर प्रदेश में लगभग 100 लोगों की जान चली गई थी.