काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा है कि उनकी पार्टी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अन्य दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है.
मुंबई में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए सोनिया गाँधी ने कहा, "समान विचार वाली पार्टियों से पहले ही बातचीत शुरू हो चुकी है. हम महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि और कई राज्यों में गठबंधन सरकार में शामिल हैं."
हाल ही हुए विधानसभा चुनाव में काँग्रेस की करारी हार के बाद सोनिया गाँधी की यह पहली रैली थी. रैली में क़रीब एक लाख लोग शामिल हुए.
सोनिया गाँधी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का ख़ास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के पाँच सालों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार को नई ऊँचाई मिली है.
परहेज़ नहीं
वैसे काँग्रेस ने इस साल हुए अपने शिमला अधिवेशन में ही स्पष्ट कर दिया था कि उसे गठबंधन से कोई परहेज़ नहीं.
लेकिन हाल के विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिली हार के बाद गठबंधन के विषय की कोशिशों में जैसे तेज़ी आ गई है.
माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद गठित प्रणव मुखर्जी समिति ने भी तुरंत गठबंधन की कोशिशें तेज़ करने की सिफ़ारिश की थी.
मुंबई की रैली में सोनिया गाँधी ने कहा काँग्रेस अपने सिद्धांतों से किसी तरह का समझौता किए बिना ही गठबंधन करेगी.
उन्होंने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य सत्ता पाने के लिए नहीं बल्कि लोगों की सेवा करना है.
सोनिया गाँधी ने भ्रष्टाचार के अलावा बेरोज़गारी और बढ़ती मुद्रास्फीति की दर पर भी चिंताई जताई और इसके लिए केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.