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साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा

इस वर्ष के साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है.

हिंदी के लिए कमलेश्वर को उनकी कृति "कितने पाकिस्तान" और उर्दू के लिए भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी सईद मोहम्मद अशरफ़ को उनकी कृति "बाद-ए-सबा का इंतज़ार" को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया.

इस बार के पुरस्कारों के लिए सात उपन्यास, पाँच कविता संग्रह, तीन निबंध लेखन सहित कुल 23 साहित्यकारों को चुना गया.

कमलेश्वर ने इस पुरस्कार के लिए चुने जाने के बाद कहा, "मुझे ख़ुशी है कि मेरी कृति 'कितने पाकिस्तान' को भी इस सम्मान के लायक़ समझा गया."

"लेकिन अगर मुझे यह सम्मान नहीं भी मिलता तो भी मुझ पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, आख़िर मैं पिछले क़रीब 55 साल से लिखता आ रहा हूँ, मैं अपने पाठकों और साहित्य अकादमी को धन्यवाद देता हूँ."

साहित्य अकादमी के अध्यक्ष गोपीचंद नारंग ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यूँ तो पुरस्कारों के की चयन प्रक्रिया और कृतियों पर लंबी बहस हो सकती है लेकिन हमने इसमें पारदर्शिता रखने की पूरी कोशिश की है."

मीनाक्षी मुखर्जी के निबंध संग्रह 'पेरिशेबल अंपायर' को अंग्रेज़ी भाषा के लिए चुना गया है.

साहित्य अकादमी पुरस्कार 1954 से हर वर्ष भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है जिसमें एक ताम्रपत्र के साथ-साथ कुछ नक़द राशि दी जाती है. नक़द राशि इस समय पचास हज़ार रुपए है.