एक सौ बत्तीस वर्षीय हबीब मियाँ का हज जाने का सपना पूरा होता नज़र आ रहा है.
इन दिनों हबीब मियाँ हज पर जाने की तैयारियाँ कर रहे हैं.
अगले सप्ताह वे अपने दो पोतों और एक बेटे की बहू के साथ हज के लिए रवाना हो रहे हैं.
ब्रिटेन के एक व्यवसायी की बदौलत उनका यह सपना पूरा होने जा रहा है.
लंदन के इस व्यवसायी ने बीबीसी ऑनलाइन पर हबीब मियाँ की कहानी पढ़कर उनके हज पर जाने का ख़र्च उठाने का फ़ैसला किया था.
इन दिनों हबीब मियाँ जयपुर में अपने रिश्तेदारों और दोस्तों द्वारा आयोजित दावतों में व्यस्त हैं.
हबीब मियाँ का कहना था," मुझे रोज़ाना तीन दावतों में जाना पड़ रहा है."
उनका कहना था कि उनका स्वास्थ्य ठीक है.
ख़रीददारी
इन दिनों हबीब मियाँ का परिवार ख़रीददारी में व्यस्त है.
उनके पोते छुट्टन और महबूब भी इस यात्रा को लेकर उत्साहित हैं.
हबीब मियाँ कहते हैं," मैं भारत में शांति और सांप्रदायिक सदभाव के लिए प्रार्थना करूँगा."
जयपुर के एक पिछड़े इलाक़े में रहने वाले हबीब मियाँ 1938 में रिटायर हुए थे.
हबीब मियाँ का कहना है कि उनकी उम्र 132 साल हो चुकी है.
राजस्थान के बैंक अधिकारी हबीब मियाँ को अब भी हर महीने लगी बंधी क़रीब 1900 रूपए पेंशन देने उनके घर आते हैं.
लेकिन उसमें हज करने का सपना पूरा नहीं हो सकता था
लंदन के व्यवसायी ने हबीब मियाँ की यात्रा के लिए दो लाख 70 हज़ार रुपए भेजे हैं.
हबीब मियाँ के परिवार में 32 लोग हैं और वे जयपुर के पास एक मुस्लिम आबादी वाले इलाक़े में रहते हैं.
बस अब तो हबीब मियाँ को उस मौक़े का इंतज़ार है जब मक्का की पाक ज़मीन पर अपने क़दम रखेंगे.