भूटान सेना का कहना है कि उसने पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई फिलहाल दो दिन के लिए टाल दी है.
इस बीच भूटान की राजधानी थिम्पू से ख़बरें हैं कि युवराज जिगयेल उगयेन वांगचुक भी विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में ज़ख़्मी हो गए हैं.
भूटान के अधिकारियों के अनुसार सेना ने अपनी तैनाती मज़बूत और ठोस करने के लिए विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई रोकी है.
भूटान सेना के एक प्रवक्ता ने इन ख़बरों का खंडन किया कि विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान बंद कर दिया गया है.
प्रवक्ता ने कहा कि अगले सप्ताह इस अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा.
भूटान ने पिछले सप्ताह सोमवार को विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरु किया था और इसमें अब तक एक सौ से ज़्यादा मारे जा चुके हैं और तीन से ज़्यादा या तो गिरफ़्तार कर लिए गए हैं या उन्हें समर्पण कर दिया है.
विद्रोहियों ने इस कार्रवाई में मारे गए अपने साथियों के शव परिवारों को सौंपे जाने की माँग करते हुए शनिवार को दो दिन की हड़ताल का आह्वान भी किया था.
इस अभियान में भूटानी सेना के क़रीब चालीस सैनिक भी मारे गए हैं.
सेना के सूत्रों का कहना है कि विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में शनिवार को युवराज जिगयेल की टाँग में गोली लगी है.
सेना के एक प्रवक्ता का कहना है कि युवराज अब ख़तरे से बाहर हैं अलबत्ता उन्हें कुछ कमज़ोरी है.
19 वर्षीय युवराज ने गत नवंबर में ही ब्रिटेन के ऑक्सफॉर्ड विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी और विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में अपने पिता का साथ देने के लिए स्वदेश वापस आ गए थे.