मध्यप्रदेश की नई सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.
इसमें गो हत्या पर प्रतिबंध, कांग्रेस शासन काल में हटाए गए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की बहाली और ज़िला सरकारों की समाप्ति का फ़ैसला प्रमुख है.
ये निर्णय शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए.
प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से यह मंत्रिमंडल की पहली बैठक थी.
मुख्यमंत्री उमा भारती पहले ही कह चुकी थीं कि सबसे पहले कर्मचारियों की बहाली और गो हत्या पर प्रतिबंध लगाए जाने का निर्णय लिया जाएगा.
गो हत्या पर प्रतिबंध के तहत पूरे गो वंश की हत्या पर रोक लगाई जाएगी और इसके लिए विधानसभा में एक विधेयक लाया जाएगा.
जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कांग्रेस सरकार ने हटा दिया था उनको बहाल करना भाजपा का बड़ा चुनावी मुद्दा था.
दिग्विजय सिंह सरकार ने कोई 28,000 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया था.
छत्तीसगढ़ बनने के बाद इनमें से 20,000 मध्यप्रदेश में हैं.
मंत्रिमंडल ने इसके लिए दो मंत्रियों की एक समिति बना दी है जो आठ दिनों में अपनी रिपोर्ट दे देगी.
इसके अलावा सरकार ने नर्मदा नदी का पानी भोपाल लाने की योजना को भी मंज़ूरी दे दी है.