प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी नेता दिलीप सिंह जूदेव को लेकर हुए 'विवादास्पद' टेप कांड पर संसद में अपना बयान बुधवार तक के लिए टाल दिया है.
लेकिन उन्होंने पार्टी सांसदों को आगाह किया कि विपक्ष हाल के चुनावों में अपनी हार के बाद माहौल ख़राब करने की कोशिश करेगा.
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले एक वीडियो टेप जारी हुआ था, जिसमें जूदेव को कथित तौर पर पैसे लेते दिखाया गया था.
लेकिन इसके बाद भी पार्टी ने राज्य चुनाव में बहुमत हासिल की और अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी एक ऑडियो टेप को लेकर विवादों के बीच हैं.
जोगी पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा विधायकों को पार्टी तोड़ने के लिए पैसे दिए.
दूसरी ओर नई दिल्ली में मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक हुई.
जीत का जश्न
इस बैठक में पार्टी सांसदों को आगाह करते हुए वाजपेयी ने कहा, "विपक्ष हाल के विधानसभा चुनाव में हुई हार का सामना नहीं कर सकता और वे माहौल ख़राब करने की कोशिश करेंगे. हमें सावधान रहना चाहिए."
इस बैठक में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्यमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया.
पार्टी संसदीय दल की बैठक उल्लासपूर्ण माहौल में हुई. भाजपा ने चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में से तीन में जीत हासिल करते हुए वहाँ सरकार बनाई है.
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री ने तीन राज्यों में पार्टी की जीत का कारण मिल-जुल कर काम करना बताया.
वाजपेयी ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी की जीत से देश का राजनीतिक माहौल बदल गया है.
उन्होंने पार्टी सांसदों से कहा कि अब वे अगले साल के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएँ.