पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर को रोपड़ ज़िले की एक अदालत ने ज़मानत दे दी है.
सुखबीर सिंह बादल इस समय राज्यसभा के सदस्य हैं.
इस महीने के शुरू में बादल और उनके बेटे को भ्रष्टाचार के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
दोनों को बीस-बीस लाख के मुचलके पर ज़मानत दी गई है.
अदालत ने उनसे कहा है कि वे किसी भी हालत में देश से बाहर न जाएँ और सार्वजनिक रूप से इस मामले से जुड़ी कोई टिप्पणी न करें.
बादल और उनके बेटे के ख़िलाफ़ पंजाब सतर्कता विभाग ने पिछले महीने भ्रष्टाचार के मामले दर्ज कराए थे.
उन पर 1997 से लेकर 2002 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के दौरान अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.
सतर्कता ब्यूरो का कहना है कि प्रकाश सिंह बादल और उनके परिवार की भारत और विदेशों में लगभग 4326 करोड रुपए की संपत्ति है.
इसमें से 501 करोड रुपए की संपत्ति भारत में है जिसमें से 78 करोड़ रुपए की संपत्ति का कोई हिसाब-किताब नहीं है.
ब्यूरो का कहना है कि विदेशों में बादल परिवार की संपत्ति की जाँच अभी जारी है.
बादल कई बार इन आरोपों का खंडन कर चुके हैं और उनका कहना है कि ब्यूरो की जाँच राजनीतिक कारणों से प्रेरित है.