छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा है कि वे केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा करेंगे.
दिल्ली में काँग्रेस पार्टी आलाकमान के सामने अपना पक्ष रखने पहुँचे अजीत जोगी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में ये बताया.
भारतीय जनता पार्टी ने अजीत जोगी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में उसके विधायकों को रिश्वत का प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की.
भाजपा का दावा है कि उसने इस सिलसिले में पार्टी के एक विधायक के साथ जोगी की बातचीत टेप पर रिकॉर्ड की है.
जोगी के ख़िलाफ़ ये आरोप लगने के बाद काँग्रेस आलाकमान पहले ही जोगी को पार्टी से निलंबित कर चुकी है.
'आवाज़ मेरी नहीं'
जोगी इन आरोपों का खंडन करते हैं और कहते हैं टेप पर रिकॉर्ड की गई आवाज़ उनकी नहीं है.
उनका कहना है कि उन्हें एक षडयंत्र के तहत फ़र्ज़ी मामले में फँसाने की कोशिश की जा रही है.
इस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की जाँच के बारे में पूछे जाने पर जोगी ने कहा कि सीबीआई अपनी पूरी विश्वसनीयता पहले ही खो चुकी है.
लेकिन उनका कहना था कि वे इस मामले में किसी भी तरह की जाँच के लिए तैयार हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में हाल में हुए चुनावों में 20 नक्सलवाद प्रभावित सीटों पर मतदान में धाँधली हुई है जिसके कारण काँग्रेस को विधानसभा में बहुमत नहीं मिल पाया है.
अजीत जोगी का कहना था कि वे काँग्रेस कार्यकारिणी के सामने अपना पक्ष रखेंगे.
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में पार्टी उनका साथ देगी.
उन्होंने दिल्ली पहुँचने के बाद कहा कि वे पहले अपने राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल से बात करेंगे और फिर पार्टी के सामने अपना पक्ष रखेंगे.
दिल्ली में हाल में हुए विधानसभा चुनावों की समीक्षा करने के लिए काँग्रेस कार्यकारिणी की बैठक हो रही है.