छत्तीसगढ़ में डॉक्टर रमन सिंह ने शपथ लेने के साथ ही अजीत जोगी के टेप कांड की केंद्रीय जाँच ब्यूरो से जाँच करवाने के आदेश दे दिए हैं.
इससे पहले शनिवार रात को केंद्रीय क़ानून मंत्री अरुण जेटली ने रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में जोगी पर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को ख़रीदने की कोशिश का आरोप लगाया था.
इस मौके पर जेटली ने जोगी और भाजपा नेता वीरेंद्र पांडे के बीच कथित बातचीत का टेप भी सुनाया और आरोप लगाया कि पार्टी सांसद बलिराम कश्यप को मुख्यमंत्री बनाने का लालच देकर विधायक दल तोड़ने की कोशिश की गई.
केंद्रीय क़ानून मंत्री ने उसी समय कह दिया था कि नई सरकार शपथ लेने के तुरंत बाद ही मामला सीबीआई को सौंप देगी और रमन सिंह ने ऐसा ही किया.
इस मौके पर राज्यपाल के नाम अजीत जोगी की लिखी एक चिट्ठी भी दिखाई गई जिसमें उन्होंने बलिराम कश्यप के नेतृत्त्व में बनने वाली पार्टी को कांग्रेस के समर्थन की बात लिखी थी.
इस बीच जोगी ने कहा है कि वह जेटली के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा ठोंकेंगे.
जोगी के ख़िलाफ़ ये आरोप लगने के बाद काँग्रेस आलाकमान पहले ही जोगी को पार्टी से निलंबित कर चुकी है.
जोगी इन आरोपों का खंडन करते हैं और कहते हैं टेप पर रिकॉर्ड की गई आवाज़ उनकी नहीं है.
उनका कहना है कि उन्हें एक षडयंत्र के तहत फ़र्ज़ी मामले में फँसाने की कोशिश की जा रही है.
शपथ
रमन सिंह को राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ़्टिनेंट जनरल कृष्ण मेनन सेठ ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
उन्होंने अकेले ही शपथ ली और मंत्रिमंडल को बाद में शपथ दिलाई जाएगी.
इस मौके पर उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू, कृषि मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी महासचिव प्रमोद महाजन समेत भाजपा के कई बड़े नेता मौजूद थे.
इनके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विद्या चरण शुक्ल भी शपथ ग्रहण में उपस्थित थे.