इस साल सेक्स संबंधी विषयों पर सबसे ख़राब तरीके से लिखने का श्रेय एक भारतीय लेखक को मिला है.
ये पुरस्कार ब्रिटेन में सेक्स पर सबसे ख़राब तरीके से खुलकर लिखने वाले को दिया जाता है, इसे सम्मानजनक पुरस्कार नहीं माना जाता बल्कि इसका मक़सद ख़राब लेखन के प्रति लोगों को आगाह करना है.
लेकिन इस वर्ष के पुरस्कार विजेता अनिरूद्ध इसका बुरा नहीं मानते.
बीबीसी ऑनलाइन से बात करते हुए उन्होंने बताया," ऐसा नहीं है कि मैं अपने ऊपर हँस न सकूँ".
अनिरूद्ध अपना पुरस्कार लेने लंदन में मौजूद थे जहाँ पिछले बुधवार को उन्हें 'स्टिंग' नामक संस्था ने आमंत्रित किया था.
उनकी किताब का नाम है " बंकर नंबर 13".
इस किताब की पृष्ठभूमि भारत- पाकिस्तान सीमा पर सेक्स, नशीली दवाएँ और जासूसी इत्यादि से जुड़ी है.
अनिरुद्ध को भारत में एक रिपोर्टर के रुप में जाना जाता है और उनके खाते में तहलक़ा कांड और मैच फिक्सिंग का पर्दाफ़ाश करने का श्रेय शामिल है.
वे अपनी इस उपलब्धि से इसलिए भी खुश हैं क्योंकि भारत में इस तरह की लेखनी पर कई तरह की रोक है.
इस साल अनिरूद्ध की किताब को बीबीसी रेडियो 4 के संपादक रोड लिड्ल और प्रसिद्द किताब द ऐलकैमिस्ट के लेखक पाउलो किलो की किताब के साथ मुकाबला करना पड़ा है.
अवसर
इससे पहले इस पुरस्कार को जीतने वालों में वेंडी पेर्रिअम, एए गिल, सलमान रुशदी और मेल्विन ब्रैग हैं.
इस साल के विजेता अनिरुद्द एक पत्रकार के रूप में विविध विषयों पर रिपोर्टिंग करते रहे हैं.
अनिरूद्ध का कहना है कि भारत में कई और लेखकों को ऐसा लगता था कि मेरी रचनाओं में सेक्स का बहुत अहम स्थान रहता है.
उन्होंने कहा," मैंने भारत में इस पुरस्कार के बारे में सुना तो थो लेकिन कभी ये नहीं सोचा था कि एक दिन ये मुझे भी मिल सकता है."
बहरहाल, अनिरुद्ध की इस उपलब्धि से भारत में इसी तरह लिखने वाले कई और लेखकों को अपने बंद कमरों से बाहर निकलने का एक अवसर ज़रूर मिल गया है.