दिल्ली में काँग्रेस ने अपनी सत्ता बरक़रार रखी है, पार्टी ने मदनलाल खुराना के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही भाजपा को पीछे छोड़ दिया है.
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में काँग्रेस ने 47 सीटें जीत ली हैं जबकि भाजपा के हाथ सिर्फ़ 20 सीटें लगी हैं.
तीन सीटें अन्य दलों के हाथों लगी हैं. इनमें एक सीट राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी ने जीती है.
काँग्रेस दूसरी बार शीला दीक्षित के नेतृत्व में चुनाव लड़ी थी.
शीला दीक्षित ने अपनी गोल मार्केट सीट जीत ली है. उन्होंने पूर्व क्रिकेट खिलड़ी कीर्ति आज़ाद की पत्नी पूनम आज़ाद को हराया.
जीतने के बाद शीला दीक्षित ने अपनी जीत का श्रेय विकास के कार्यों को दिया.
उनका कहना था कि उनकी पार्टी दिल्ली के विकास के लिए काम करती रहेगी.
हालाँकि भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख नेता जीतने में सफल रहे हैं.
खुराना की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार मदनलाल खुराना, पूर्व मंत्री जगदीश मुखी और हरभजन सिंह बल्ली जीतने में सफल रहे हैं.
चुनाव नतीज़ों के आने के बाद भाजपा के नेता मदन लाल खुराना ने कहा कि उनका राजनीति छोड़ने का इरादा नहीं है.
उन्होंने हार के लिए मीडिया पर आरोप लगाया कि उसने शुरू से ही पार्टी की ख़राब छवि पेश की.
भाजपा के कुछ अन्य प्रमुख नेता जैसे राम भज और नंदकिशोर गर्ग हार गए हैं.
उधर काँग्रेस के प्रेम सिंह और अजय माकन जैसे नेता फिर जीत गए हैं.