असम में हिंदी भाषियों के ख़िलाफ़ हिंसा और जूदेव प्रकरण को लेकर हुए हंगामे को लेकर संसद की कार्यवाही नहीं चल पायी और इसे पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी.
लोक सभा की कार्यवाही शुरू होते ही समता पार्टी के प्रभुनाथ सिंह, निर्दलीय रघुनाथ झा और राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव और जनता दल (यू) के देवेंद्र प्रसाद यादव अपने स्थानों पर खड़े हो गए और उन्होंने असम में बिहारियों की हत्या का मामला उठाया.
उन्होंने इस पर तुरंत सदन में चर्चा की माँग की.
प्रभुनाथ सिंह ने इन हमलों को सुनियोजित बताते हुए इनमें असम के मुख्यमंत्री का हाथ बताया.
कांग्रेस के प्रियरंजन दास मुंशी ने इस आरोप को ग़लत बताते हुए इसे वापस लेने की माँग की.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सोमनाथ चटर्जी और लोक शक्ति के रामविलास पासवान ने हस्तक्षेप कर सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की.
इस मामले को लेकर समता सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने भी आ गए.
इस दौरान पप्पू यादव की कांग्रेस सदस्यों से झड़प भी हुई.
जूदेव पर हंगामा
राज्य सभा में भारतीय जनता पार्टी के दिलीप सिंह जूदेव के टेप प्रकरण को लेकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
विपक्षी काँग्रेस सदस्यों की माँग थी कि प्रश्नकाल स्थगित किया जाए और प्रधानमंत्री वाजपेयी इस मामले पर बयान दें.
शुरूआत में राज्य सभा की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी गई.
लेकिन बाद में जब कार्यवाही फिर शुरू हुई तब भी विपक्ष अपनी माँग पर अड़ा रहा.