भारत के एक केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन का 69 वर्ष की आयु में चेन्नई में निधन हो गया है.
मुरासोली मारन अपोलो अस्पताल में भर्ती थे.
वह डीएमके के सदस्य थे और केंद्र में बिना विभाग के मंत्री थे.
अपनी दिल की बीमारी का इलाज कराने इससे पहले वह अमरीका भी गए थे.
उन्हें आर्थिक सुधारों के प्रबल समर्थक के रूप में देखा जाता था.
मुरासोली मारन डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के करुणानिधि के भतीजे थे.
वह पहली बार 1967 में सांसद चुने गए.
1989 में विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में वह पहली बार मंत्री बने.
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मुरासोली मारन के निधन को एक 'व्यक्तिगत क्षति' बताया है.