पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल करने के विरोध में अकाली दल ने राज्य में चक्का जाम का आह्वान किया है.
शनिवार को बादल, उनकी पत्नी और बेटे के ख़िलाफ़ सतर्कता ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था.
राज्य में अभी तक क़ानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है और रविवार के कारण चक्का जाम का कोई ख़ास असर नहीं.
पिछले चार महीनों से सतर्कता विभाग राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके परिजनों की संपत्ति की जाँच कर रहा था.
इनमें से कुछ मामले उस समय के हैं जब बादल राज्य के मुख्यमंत्री थे.
उनकी पत्नी सुरिंदर कौर बादल और बेटा सुखबीर सिंह बादल के ख़िलाफ़ भी जाँच चल रही है.
सतर्कता ब्यूरो का कहना है कि प्रकाश सिंह बादल और उनके परिवार की भारत और विदेशों में लगभग 4326 करोड रुपए की संपत्ति है.
इसमें से 501 करोड रुपए की संपत्ति भारत में है जिसमें से 78 करोड़ रुपए की संपत्ति का कोई हिसाब-किताब नहीं है.
जाँच जारी
ब्यूरो का कहना है कि विदेशों में बादल परिवार की संपत्ति की जाँच अभी जारी है.
बादल कई बार इन आरोपों का खंडन कर चुके हैं और उनका कहना है कि ब्यूरो की जाँच राजनीतिक कारणों से प्रेरित है.
प्रेक्षकों का मानना है कि आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल शुरु हो सकती है.
बादल पहले ही अपने चार साल तक प्रतिद्वंद्वी रहे गुरचरण सिंह टोहड़ा के साथ हाथ मिला चुके हैं और पंजाब की काँग्रेस सरकार के आरोपों का सामना करने की तैयारी में हैं.