पिछले साल मई में शादी के लिए दहेज की मांग करने वाले युवक को जेल की हवा खिलवाने के कारण चर्चा में रही निशा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं.
लेकिन इस बार भी चर्चा का कारण उनकी शादी ही है.
बुधवार को 22 वर्षीय इस युवती की वैदिक रीति रिवाज़ से एक कंप्यूटर इंजीनियर लड़के के साथ शादी संपन्न हो गई.
लड़का उनके माता-पिता की पसंद का है.
निशा के पिता देवदत्त शर्मा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि अब उनके सिर के एक बोझ उतर गया है.
उनका कहना था," बेटी की शादी माता-पिता का कर्तव्य होती है. मुझे खुशी है कि मैं इसे पूरा कर पाया."
देवदत्त शर्मा का कहना था कि सादगीपूर्ण तरीके से ये शादी संपन्न हुई और इसमें केवल 75 मेहमान मौजूद थे.
हालांकि ख़ुद निशा शर्मा बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं थीं.
मामला
पिछली बार निशा की शादी तय हुई थी, शादी के कार्ड भी छप गए थे और बारात भी आने को ही थी कि दूल्हे के परिवार की ओर से दहेज की माँग की गई.
निशा के परिवारवालों का कहना था कि काफ़ी सामान दहेज में देने के लिए ख़रीद भी लिया था लेकिन वर पक्ष की माँग बढ़ती ही जा रही थी.
इस पर निशा ने पुलिस को बुला लिया और लड़के को गिरफ़्तार करा दिया.
उस समय निशा ने बीबीसी से कहा था, "मैंने वही किया है जो ऐसे समय में सभी लड़कियों को करना चाहिए."
निशा के इस साहसिक क़दम के बाद वे मीडिया में छा गईं.
हालाँकि जिस लड़के मनीश दलाल को दहेज के मामले में गिरफ़्तार किया गया था, उसने इस शादी से पहले अदालत में मामला दायर कर कहा था कि निशा शर्मा से उनकी शादी हो चुकी है और वो दोबारा शादी नहीं कर सकतीं हैं.
एक अन्य लड़के नवनीत राय ने भी दावा किया था कि निशा शर्मा की शादी उनसे हो चुकी है.
निशा शर्मा के पिता का कहना था कि उन्हें इन मामलों में अदालत का कोई सम्मन नहीं मिला है.