पाँच राज्यों की विधानसभाओं के लिए होनेवाले चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को मिज़ोरम में मतदान हुआ है.
मिज़ोरम में विधानसभा की 40 सीटें हैं जिसके लिए कुल 192 उम्मीदवार मैदान में हैं.
रिपोर्टों के अनुसार राज्य में 70 प्रतिशत मतदान होने के समाचार हैं.
इस बीच गुरूवार को तड़के पुलिस ने छापा मारकर उन तीन उम्मीदवारों को छुड़ा लिया जिनका चरमपंथियों ने बुधवार को अपहरण कर लिया था.
पुलिस के अनुसार तीन प्रमुख राजनीतिक दलों के इन उम्मीदवारों का राजधानी आइज़ोल से बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया गया था.
मिज़ोरम में अधिकतर जगह पर मतदान के दौरान शांति बनी रही .
बुधवार शाम को आइज़ोल में तीन विस्फोट हुए जिनमें कोई घायल नहीं हुआ.
तैयारियाँ
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार मतदान के लिए पूरी तैयारी की गई थी और दूर-दराज़ के इलाक़ों में चुनाव अधिकारियों को पहले ही भेज दिया गया था.
राज्य प्रशासन ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए विशेष इंतज़ाम किए.
चुनाव के लिए राज्य पुलिस के अतिरिक्त केंद्रीय अर्धसैनिक बल की 15 कंपनियाँ भी तैनात की गईं.
राज्य में कुल 798 मतदान केंद्र हैं और उनमें से 57 को संवेदनशील घोषित किया गया था.
मुक़ाबला
मिज़ोरम के विधानसभा चुनाव में इस बार त्रिकोणीय मुक़ाबला हुआ है.
इस बार यहाँ सत्ताधारी मिज़ो नेशनल फ़्रंट और काँग्रेस के अलावा मिज़ोरम पीपुल्स कॉंफ़्रेंस-ज़ोराम नेशनल पार्टी का गठजोड़ मैदान में हैं.
मिज़ो नेशनल फ़्रंट ने 39 और कॉंग्रेस ने सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए.
मिज़ोरम पीपुल्स कॉंफ़्रेंस-ज़ोराम नेशनल पार्टी गठबंधन ने 36 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं और चार सीटों पर वे एक छोटी पार्टी को समर्थन दे रहे हैं.
प्रमुख उम्मीदवार
मिज़ोरम विधानसभा चुनाव में इस बार जिन उम्मीदवारों पर नज़र रहेगी वे हैं - ज़ोरामथांगा (मुख्यमंत्री और एमएनएफ़ अध्यक्ष), लालथनहावला ( पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश काँग्रेस अध्यक्ष ), लालमिंगथांगा ( विपक्षी नेता और एमपीसी अध्यक्ष ) तथा लालदुहावमा ( ज़ोराम नेशनल पार्टी अध्यक्ष ).
ज़ोरामथांगा, लालथनहावला और लालदुहावमा दो-दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं.
मतगणना दो दिसंबर को शुरू होगी.