श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे की मंगलवार को दोबारा बातचीत हुई.
दोनों नेता अपने मतभेद सुलझाने के लिए अधिकारियों का एक दल गठित करने पर सहमत हो गए हैं.
राष्ट्रपति कुमारतुंगा और प्रधानमंत्री विक्रमलसिंघे की लगभग 90 मिनट तक मुलाक़ात चली.
ये बातचीत राष्ट्रपति कुमारतुंगा के घर पर हुई.
बातचीत को अधिकारिक रूप से इसे सकारात्मक बताया जा रहा है.
एक सप्ताह पहले श्रीलंका में राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे के बीच हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका था.
तमिल विद्रोहियों के साथ शांति प्रक्रिया पर विक्रसिंघे सरकार से मतभेद के बाद राष्ट्रपति ने दो सप्ताह पहले तीन मंत्रियों को बर्ख़ास्त करने के साथ-साथ संसद को निलंबित कर दिया था.
इसके बाद राष्ट्रपति ने एक साझा राष्ट्रीय सरकार बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था जिसके बारे में बातचीत के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था.
लेकिन प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे तमिल छापामारों के साथ शांति प्रक्रिया को जारी रखने के मुद्दे पर पहले बातचीत चाहते थे.
इन मतभेदों के कारण पहली बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकल सका.
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच मतभेदों के कारण शांति प्रक्रिया संकट में पड़ गई है.