भारत और चीन के बीच शुक्रवार को पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास हुआ.
चीन के शंघाई शहर के तटवर्ती इलाक़े में दोनों देशों की नौसेना तलाशी और बचाव अभियान का अभ्यास किया.
इस अभ्यास में भारत के तीन जंगी जहाज़ों के अलावा विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा लिया.
भारतीय नौसेना के कमांडर के ए बोपन्ना ने कहा,"ये तो बस शुरूआत है".
भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वे इस अभ्यास के माध्यम से कुशलता बढ़ाना चाहते हैं.
साथ ही समुद्र में सामान्य सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए भी यह अभ्यास कारगर होगा.
चीन ने किसी और देश के साथ दूसरी बार नौसैनिक अभ्यास किया है.
इससे पहले पिछले महीने चीन ने पाकिस्तान के साथ भी इसी तरह का अभ्यास किया था.
निकटता
शंघाई में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये संयुक्त अभ्यास भारत और चीन के बीच पिछले कुछ महीनों में आई निकटता का एक नया संकेत है.
संवाददाता का कहना है कि दोनों देशों के बीच अतीत के संघर्षों और ज़मीन के अनसुलझे विवादों को देखते हुए दोनों का मिलकर अभ्यास करना महत्वपूर्ण है.
1962 में लड़ाई के बाद हाल के दिनों में दोनों देशों ने सीमा विवाद को सुलझाने और आपसी निवेश बढ़ाने में रूचि दिखाई है.
भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस वर्ष चीन गए थे और उन्होंने वहाँ के शीर्ष नेताओं से मुलाक़ात की.
उनके इस दौरे में व्यापार और आपसी महत्व के अन्य क्षेत्रों में कई समझौते किए गए.