आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ दल, तेलुगू देशम के पोलित ब्यूरो की गुरुवार को हुई बैठक में नया जनादेश लेने का फ़ैसला किया है.
इस बैठक में पार्टी के लगभग साढ़े सात हज़ार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सर्वसम्मति से इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर दिया.
इससे राज्य में समय से पहले चुनाव होने की संभावना प्रबल हो गई है.
पार्टी का कहना है कि नए जनादेश से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हो सकेगी.
पार्टी के निर्णय के बाद अब मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू राज्यपाल को विधानसभा भंग करने की सिफ़ारिश के लिए कुछ दिनों में विधानसभा का सत्र बुला सकते हैं.
ऐसी ख़बरें हैं काफ़ी समय से आ रही थीं कि माओवादी विद्रोहियों के हमले के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू प्रदेश में जल्द चुनाव कराए जाने पर विचार कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से कई बार विचार विमर्श भी किया था और अनेक नेताओं ने जल्द चुनाव कराए जाने पर सहमति जताई थी.
उनका मानना है कि चंद्रबाबू नायडू पर हमले के बाद से लोगों में तेलुगू देशम के प्रति सहानुभूति बढ़ी है.
आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल अक्टूबर में होने हैं.
हालांकि राज्य में विपक्षी दल, काँग्रेस इसका विरोध करती आई है.
उसकी दलील रही है कि मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम को लोगों को बताना पड़ेगा कि दो तिहाई बहुमत के बाबजूद वो जल्द चुनाव क्यों कराना चाहते हैं.