पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान का उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है.
दक्षिण कोरिया की यात्रा पर सियोल पहुँचे राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ये बात वहाँ के एक समाचार पत्र से कही है.
'कोरिया हेरल्ड' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मै आपको आश्वासन दिलाना चाहता हूँ कि पाकिस्तान को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से जोड़ने वाली सभी ख़बरें ग़लत हैं."
न्यूयॉर्क टाइम्स में पिछले साल ये आरोप छपे थे कि पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया को परमाणु कार्यक्रम की तकनीक दी थी.
यदि ये आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो पाकिस्तान को अमरीका से मिलने वाली तीन अरब डॉलर की सहायता बंद हो सकती है.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने उत्तर कोरिया से अनुरोध किया कि वह परमाणु हथियार बनाना बंद कर दे.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "सच्चाई ये है कि पिछले चार साल में जब से मैं राष्ट्रपति हूँ, हमने उत्तर को किसी तरह परमाणु जानकारी नहीं दी है."
उन्होंने ये भी कहा, "उत्तर कोरिया के साथ रक्षा मामलों में कोई सहयोग भी नहीं हुआ है."
मुलाकात
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रू मू ह्युन से मुलाकात की है.
इस दौरान दोनो नेताओं ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से पैदा हुए संकट पर चर्चा भी की.
समाचार एजेंसियों के अनुसार इस बैठक में भी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इस बात का खंडन किया कि पाकिस्तान का उत्तर कोरिया के साथ कोई तकनीकी सहयोग के संबंध हैं.
पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि दक्षिण कोरिया उसके तेल, गैस और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में पूँजी निवेश करेगा.