भारत के उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत पिछले सोलह साल में बर्मा की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय नेता हैं.
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी 1987 में बर्मा गए थे.
उपराष्ट्रपति रविवार को शुरू हुई अपनी चार दिन की यात्रा के दौरान बर्मा के अधिकारियों से द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों पर बातचीत करेंगे.
रविवार को भारत और बर्मा के बीच कुछ समझौते भी हुए जिनमें शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संयुक्त कार्यक्रम शुरू करने का एक समझौता भी शामिल था.
इसके अलावा दोनों देशों के सरकारी अधिकारियों और राजनयिकों को वीज़ा में छूट पर भी सहमति हुई.
राजनीतिक पर्यवेक्षक इस यात्रा को भारत की पूर्वोन्मुखी नीति के तहत उठाए गए एक क़दम के रूप में देख रहे हैं.
बर्मा ऐसा एकमात्र आसियान देश है जिसकी सीमा भारत से मिलती है.
दोनों देशों के विगत में भी अच्छे संबंध रहे हैं.
उपराष्ट्रपति शेखावत की यात्रा से समझा जा रहा है, दोनों देशों के राजनीतिक, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों में और गर्मजोशी आएगी.