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पचास साल के बराबर काम किया है-मुंडा

झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का कहना है कि सरकार ने राज्य बनने के बाद जो काम किया है वह पिछले पचास साल में हुए काम से अधिक है.

बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार ने मूलभूत ढाँचा बनाने यानी इंफ्रास्ट्रक्टर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है और इसके नतीजे बाद में दिखाई देने लगेंगे.

उनका मानना है कि राज्य का निर्माण ही राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

यह पूछने पर कि राज्य के तीन साल बाद लोगों का सपना सच के कितने क़रीब दिखता है उन्होंने कहा कि सपना बिलकुल सच होने को है.

नक्सली समस्या के बारे में उन्होंने कहा, '' ख़बरों से ऐसा लगता ज़रुर है कि नक्सली समस्या बढ़ रही है लेकिन सच यह है कि सरकार ने इसे हल करने के गंभीर प्रयास किए हैं.''

उनका कहना था, ''हमने दूसरे राज्यों की तरह इसे टालने की कोशिश नहीं की है.''

बेरोज़गारी की समस्या पर उन्होंने तीस हज़ार लोगों को रोजगार देने का अपना वादा दोहराते हुए कहा कि पंद्रह नवंबर को राज्य के स्थापना दिवस पर तीस हज़ार लोगों को रोज़गार दिया जाएगा.

राज्य में राजनीतिक खींचतान का दोष उन्होंने बिहार के सत्ताधारी दल राजद को दिया और इस बात से साफ़ इंकार किया कि उनकी अपनी पार्टी भाजपा में कोई समस्या है.

हालांकि पार्टी में ही गुटबाज़ी के चलते पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को बदलना पड़ा था.

'लोगों को अखर रहा है'

दूसरी ओर राज्य के मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन कहते हैं, '' सपना टूट गया एकदम बिखर गया.''

बीबीसी से उन्होंने कहा, ''तीन सालों में जनता को सिर्फ़ वादे मिले और शिलान्यास.''

उनका कहना है कि झारखंड में उद्योग, कृषि, जलसंसाधन और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की ज़रुरत थी लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है.

उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के बारे में कहा कि उन्होने राज्य के निर्णाण के लिए कुछ नहीं किया सिर्फ उसका लाभ उठा रहे हैं.

यह पूछने पर कि इस राजनीतिक खींचतान के चलते क्या जनता को राज्य का बनना नहीं अखरेगा, उन्होंने कहा, ''भविष्य काल की क्या बात करते हैं वर्तमान की बात करें लोगों को अखरने लगा कि अलग राज्य क्यों बना.''