भोपाल से महेश पांडे
मध्यप्रदेश में कुछ दिनों के भीतर विधानसभा के चुनाव हैं.
लेकिन दोनों प्रमुख पार्टियों, काँग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में टिकटों को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है.
बीजेपी प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भोपाल मे चल रही है.
पार्टी अध्यक्ष वैंकेया नायडु ने दो टूक शब्दो में उमा भारती के विरोधियो को कहा है कि उमा भारती का विरोध नही चलेगा.
29 अक्टूबर की देर रात तक चुनाव समिति 230 सीटों पर एकमत नही हो पाई.
चुनाव समिति अध्यक्ष उमा भारती का कहना था कि सभी सीटो पर फिर से विचार होगा.
तीन नवम्बर से भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति दिल्ली मे टिकटों पर अंतिम निर्णय लेगी.
उससे एक दिन पहले प्रदेश चुनाव समिति दिल्ली में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रुप देगी.
उमा भारती के पक्ष मे शिवराजसिहं चौहान, केन्द्रिय मंत्री प्रहलाद पटेल और केलाश विजयवर्गीय जैसे युवा नेताओं की टीम है.
विरोधियों ने ज़ोर लगाया
दूसरी तरफ उमा भारती के विरोध मे विपक्ष के नेता बाबूलाल गोर,सुमित्रा महाजन और सत्यनारायण जटिया जैसे नेता अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने के लिए पूरा ज़ोर लगा रहे हैं.
उमा भारती 230 सीटों में से अधिकतम टिकट अपने समर्थकों को दिलाना चाहती है और विरोधियों के पत्ते साफ करना चाहती है.
पिछले एक महीने में चुनाव समिति की तीन बैठक हो चुकी है लेकिन उसके बावजूद टिकटों पर एकमत नही हो पाया है.
उधर दिल्ली मे कांग्रेस पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में मध्यप्रदेश के टिकटों पर बृहस्पतिवार को विचार- विमर्श हो रहा है.
अर्जुन सिहं और सांसद ज्योतिरादित्य सोनिया गांधी से शिकायत कर आए हैं कि उनके समर्थकों को टिकट नही दिये जा रहे हैं.
भोपाल में प्रदेश काग्रेस चुनाव समिती की चार बैठकों और दिल्ली में केन्द्रीय बैठक के बाद भी मुख्यमंत्री समर्थकों और विरोधियों मे एकमत नही हो पाया.
कमलनाथ और सुरेश पचौरी मुख्यमंत्री के साथ हैं.
मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी 230 में से ज्यादा से ज्यादा टिकट अपने समर्थकों को दिलाना चाहते हैं .
29 अक्टूबर तक 190 सीटें कांग्रेस तय कर पाई और 40 सीटों में घमासान जारी है.
पिछले एक महीने में दोनों पार्टियों के दफ्तरों के आसपास क़रीब पाँच- पाँच हज़ार लोगों का जमघट टिकट के लिये देखा गया है.