पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए भारत के इस सप्ताह कुछ नए क़दमों की घोषणा पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
भारत की पहल को पाकिस्तान के सूचनामंत्री शेख़ रशीद अहमद ने "चालाकी और मक्कारी" बताया है.
शेख़ रशीद अहमद ने शनिवार को बीबीसी से बातचीत में कहा है कि भारत जब तक कश्मीर मसले पर खुलकर बातचीत नहीं करता तब तक सारी क़वायद बेकार है.
"मुझे समझ नहीं आता भारत मसले को सुलझाने के बजाय उलझाने की तरफ़ क्यों ले जाना चाहता है क्योंकि जब तक कश्मीर मसला नहीं सुलझता, बाक़ी सारे उपाय बेकार हैं."
ग़ौरतलब है कि भारत ने गत बुधवार को पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर बनाने की दिशा में पहल करते हुए कुछ क़दम उठाने की घोषणा की थी.
उस पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया में देरी की वजह शेख़ रशीद अहमद ने यह बताई कि प्रधानमंत्री कल ही विदेश से लौटे हैं और विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद क़सूरी भी देश से बाहर थे इसलिए सही समय पर भारत की पहल का जवाब दिया जाएगा.
भीख नहीं
शेख़ रशीद अहमद का कहना था, "हम तो उनकी तरफ़ से सकारात्मक पहल की उम्मीद लगाए हुए थे लेकिन वो शब्दों का सहारा लेकर चालाकियाँ और मक्कारियाँ कर रहे हैं और चालाक सियासत कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले की वजह से दोनों देशों के बीच तीन युद्ध हो चुके हैं इसलिए सबसे पहले इसे सुलझाया जाना ज़रूरी है.
"हम बातचीत के लिए ख़ैरात या भीख नहीं मागेंगे, बातचीत ख़ुशगवार माहौल में होनी चाहिए."
शेख़ रशीद ने कहा कि हम तो रेल यातायात भी शुरु करने का इंतज़ार कर रहे हैं और हमने अपनी रेलगाड़ियों को तैयार रखा है, रंग रोगन करके.
"सिर्फ़ बस सेवा से क्या होने वाला है."
शेख़ रशीद अहमद का कहना था कि हवाई जहाज़ संपर्क भी भारत ने ही बंद किया, फिर वह संबंध सुधारने की बात करते हैं.