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दिग्विजय की घोषणाओं पर प्रश्नचिन्ह लगा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हाल में छोटे किसानों और अत्यंत ग़रीब वर्ग को फ़ायदा पहुँचाने के लिए उनके बिजली के बिल माफ़ किए जाने की घोषणा की थी.

इन लोगों के पिछले दो साल के बिजली के बिल माफ़ करने से सरकारी ख़ज़ाने पर 800 करोड़ रूपए का बोझ पड़ना था.

लेकिन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव को ध्यान मे रखते हुए निर्णय दे कि क्या इससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है?

मध्यप्रदेश में चार अन्य राज्यों के साथ डेढ़ महीने के भीतर चुनाव होने हैं और चुनाव प्रचार तेज़ी पकड़ रहा है.

अदालत का दरवाजा एक ग़ैर-सरकारी संगठन ने जनहित याचिका दायर कर खटखटाया था.

राज्य सरकार को एकबत्ती कनेक्शन तथा पाँच हार्सपावर के कृषि पंपों के बिजली बिल माफ़ी के एवज में सब्सिडी खातों में तत्काल 50 करोड़ रूपए देने के निर्देश भी दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न्यायालय के आदेश के मुताबिक 50 करोड़ रुपये सब्सिडी खाते मे जमा करवाने का आश्वासन दिया है.

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार चुनाव आयोग के पास जाएगी. हाईकोर्ट ने अपने निर्णय मे राज्य सरकार की मुफ़्त बिजली देने की नीति को ग़लत नहीं ठहराया है."