भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए एक नई पहल की है.
इसके तहत भारतीय विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कई नए क़दम उठाने के सुझाव दिए हैं.
लेकिन कहा है कि सीमा पार से आतंकवाद बंद होने के सबूत मिलने पर ही पाकिस्तान से सीधी बातचीत हो सकती है.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को दोबारा बहाल करना चाहता है.
यशवंत सिन्हा ने राजस्थान-सिंध के बीच सड़क से यातायात और दोनो देशों की बीच रेल सेवाएँ कायम करने की बात कही है.
उन्होंने ये भी सुझाया कि भारतीय कश्मीर और पाकिस्तानी कश्मीर की राजधानियों के बीच बस सेवा शुरु की जा सकती है.
उनका कहना था इससे दोनो तरफ़ के बिछड़े हुए परिवारों के लोग आपस में मिल सकेंगे.
इन सुझावों में भारत और पाकिस्तान के तटरक्षकों के बीच बातचीत और दोनो देशों में मुंबई और कराची के बीच समुद्र के रास्ते से बोट सेवा शुरु करना भी शामिल है.
खेल के क्षेत्र में संबंध कायम करने की सिन्हा की घोषणा पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने खुशी का इज़हार किया है.
बोर्ड के संयुक्त सचिव रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि अब पाकिस्तान जाकर खेलने की भारतीय टीम की बारी है और यह अगले साल ही हो सकता है.
उधर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी रमीज़ राजा ने भी भारत की इस पहल का स्वागत किया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार सिन्हा ने कहा कि कश्मीर में हाल ही में बढ़ी चरमपंथी हिंसा के बावजूद भारत पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य करने की दिशा में कोशिश करेगा.
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान को इन सुझावों के इसके बारे में बता दिया गया है और उसकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार है.