http://www.bbcchindi.com

हिमाचल में बंदरों की नसबंदी होगी

हिमाचल प्रदेश में बंदरों की नसबंदी की तैयारी की जा रही है ताकि उनकी बढ़ती जनसंख्या को रोका जा सके.

अधिकारियों का कहना है कि नर बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके बढ़ते उत्पातों के चलते यह क़दम उठाना ज़रुरी हो गया है.

प्रदेश के अधिकारियों को इसके लिए अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति का इंतज़ार है.

इस समय नज़र मादा बंदरों पर नहीं सिर्फ़ नर बंदरों पर है.

एक वन अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि नसबंदी का ऑपरेशन करते वक्त बंदरों के शरीर में एक माइक्रोचिप भी लगा दिया जाएगा जिससे कि ऑपरेशन के बाद उनकी पहचान हो सके.

उनका कहना है कि शोध से पता चला है कि मादा बंदरों की बजाए नर बंदरों की नसबंदी ज़्यादा प्रभावशाली होती है.

एक बंदर के नसबंदी ऑपरेशन और माइक्रोचिप लगाने में साढ़े सत्रह सौ रुपए का ख़र्च आएगा.

संख्या का अनुमान नहीं

भारत में पाए जाने वाले बंदरों की औसत उम्र 17 साल होती है.

फिलहाल बंदरों की जनसंख्या का सही सही अंदाज़ा नहीं है लेकिन उनकी संख्या बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि बंदरों का उत्पात भी लगातार बढ़ रहा है.

वे झुंड में होते हैं और राह चलते लोगों से खाने पीने का सामान छीन लेते हैं.

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के लोगों ने बंदरों की नसबंदी के फ़ैसले का स्वागत किया है.