ऐसी ख़बरें हैं कि माओवादी विद्रोहियों के हमले के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू प्रदेश में जल्द चुनाव कराए जाने पर विचार कर रहे हैं.
ऐसी सूचनाएँ मिली हैं कि गुप्तचर विभाग से कहा गया है कि वो लोगों के रुख़ का पता लगाए.
गुप्तचर विभाग को चार दिनों में अपनी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है.
दूसरी ओर इस संबंध में चंद्रबाबू नायडू ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से विचार विमर्श भी किया है.
कई नेताओं ने जल्द चुनाव कराए जाने पर सहमति जताई है.
उनका मानना है कि हमले के बाद लोगों में तेलुगू देशम के प्रति सहानुभूति है.
आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल अक्टूबर में होने हैं.
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पत्रकारों से बातचीत में न तो इस बात का खंडन किया और न ही इसे स्वीकार किया.
उनका कहना था कि जब विद्रोहियों की हिंसा पर बातचीत होगी, उस दौरान चुनाव पर भी चर्चा होगी.
चंद्रबाबू नायडू पहले भी विधानसभा के चुनाव जल्द कराए जाने के संकेत दे चुके हैं.
दूसरी ओर काँग्रेस ने इसका विरोध किया है.
राज्य काँग्रेस के अध्यक्ष डी श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री को लोगों को बताना पड़ेगा कि दो तिहाई बहुमत के बाबजूद वो जल्द चुनाव क्यों कराना चाहते हैं.