दिल्ली में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और रोगियों की संख्या 1700 तक पहुँच गई है.
दरअसल इस साल अच्छी बारिश होने के बाद जगह-जगह पानी इकट्ठा हो गया है जिसकी वजह से डेंगू का फैलाव बढ़ गया है.
राजधानी दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित कई अस्पतालों में अलग से डेंगू वार्ड ही बना दिया गया है.
एम्स के कार्यकारी अधीक्षक डीके शर्मा का कहना था, "डेंगू के मरीज़ सितंबर महीने से ज़्यादा आना शुरू हुए हैं. यहाँ हर रोज क़रीब 30-40 मरीज़ आ रहे हैं."
"अभी हमारे यहाँ 36 मरीज़ डेंगू के शक में भर्ती हैं. इनमें से 10 मरीज़ों की जाँच में डेंगू पाया गया है."
इससे पहले 1996 में राजधानी दिल्ली में डेंगू एक बड़ी बीमारी के रूप में सामने आया था.
डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो रुक-रुक कर उभरती रहती है.
यह जिन मच्छरों से फैलता है उनके अंडे सूखी ज़मीन पर भी लंबे समय तक जीवित रहते हैं.
हालाँकि ये इकट्ठा हुए पानी में ही पनपते हैं इसलिए दिल्ली सरकार और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी संस्थाएँ लोगों से अपील कर रही हैं कि वे अपने आसपास गड्ढों या कूलर में पानी न इकट्ठा होने दें.
स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठकें भी चल रही हैं और इस बीमारी की रोकथाम के लिए उपाय करने के साथ-साथ इन सवालों के जवाब तलाशने की भी कोशिश का जा रही है कि आख़िर ये नौबत ही क्यों आई.