विश्व हिंदू परिषद ने घोषणा की है कि वह अयोध्या में शनिवार को दोबारा अपनी 'संकल्प सभा' करेगी.
परिषद ने रविवार को भारत बंद करने की भी घोषणा की थी लेकिन आपसी मतभेदों की वजह से उसे वापस ले लिया गया है.
'भारत बंद' की घोषणा का रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने विरोध किया था.
उनका कहना है कि यह अलोकतांत्रिक क़दम होगा.
अब परिषद बदले हुए कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को कारसेवकपुरम में ही अपनी संकल्प सभा करेगी जहाँ हज़ारों कार्यकर्ता पहले से ही इकट्ठा हो चुके हैं.
इससे पहले शुक्रवार को अयोध्या में दिन भर चले घटनाक्रम में विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल और पचास हज़ार कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया.
विहिप मुख्यालय कारसेवकपुरम में हिंसक झड़पें हुईं और विहिप कार्यकर्ताओं ने कारसेवकपुरम की एक इमारत से पुलिस पर पथराव किया.
इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े.
लेकिन बाद में अशोक सिंघल और हिदू कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया.
संकल्प
शुक्रवार के घटनाक्रम के दौरान संयम बरतने के लिए कई पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की प्रशंसा की.
उधर विहिप ने नए कार्यक्रम की घोषणा की जिसके तहत उसके कार्यकर्ता बाबरी मस्जिद वाले स्थल पर राममंदिर बनाने का संकल्प लेंगे.
इससे पहले प्रदेश के मुख्य सचिव अखंड प्रताप सिंह ने कहा था कि विहिप के गिरफ़्तार किए गए लोगों को रिहा करने के आदेश दे दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि अशोक सिंघल को कारसेवकपुरम में ही रखा गया था और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
भारत बंद
गिरफ़्तारी के समय विहिप नेता सिंघल ने 19 अक्तूबर को 'भारत बंद' की घोषणा की थी.
इस बीच सिंघल के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उन्हें कारसेवकपुरम में ही उनके कमरे में गिरफ़्तार करके रखा गया.
सिंघल ने माँग की है कि जो लोग अयोध्या में हैं उन्हें 'अस्थाई मंदिर' में दर्शन की अनुमति दी जाए.
ग़ौरतलब है कि छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया था. अब उसी स्थान पर एक 'अस्थाई मंदिर' बना हुआ है.